Shri Krishna: तो इसलिए कान्हा ने अपने सिर पर धारण किया है मोर का पंख, देते हैं ये संदेश! जानिए क्या है इसके पीछे का कारण...

 
Shri Krishna: तो इसलिए कान्हा ने अपने सिर पर धारण किया है मोर का पंख, देते हैं ये संदेश! जानिए क्या है इसके पीछे का कारण...

Shri Krishna: भगवान विष्णु के 8वें अवतार भगवान श्री कृष्ण के सम्पूर्ण संसार में अनेकों भक्त है. भगवान श्री कृष्ण अपने भक्तों के बीच अपनी नटखट लीलाओं के कारण सदैव चर्चा का विषय बने रहते हैं.

श्री कृष्ण के भक्त सदा श्री कृष्ण को प्रसन्न रखने और उनकी कृपा पाने के लिए पूर्ण श्रद्धा से उनकी पूजा करते हैं. ऐसे में यदि आप भी भगवान श्री कृष्ण के भक्त है,

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तो आपको भी उनके बारे में ये अवश्य पता होना चाहिए, कि भगवान श्री कृष्ण अपने सिर पर मोर पंख क्यों धारण करते हैं? इसके पीछे एक अनोखी कहानी प्रचलित है…

भगवान श्री कृष्ण के सिर पर मोर पंख धारण करने के पीछे ये है वजह…

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भगवान श्री कृष्ण ने धरती पर अधर्म का नाश करके धर्म की स्थापना करने के लिए जन्म लिया था. ऐसे में भगवान श्री कृष्ण अपने सिर पर मोर पंख इसलिए धारण करते हैं,

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क्योंकि वह मोर पंख के माध्यम से मित्र और शत्रु के बीच भेद को समाप्त करना चाहते हैं. क्योंकि भगवान श्री कृष्ण के भाई बलराम तो शेषनाग का अवतार हैं,

जबकि मोर तो सांप का शत्रु होता है, जिस कारण श्री कृष्ण के मुताबिक उनके लिए सब समान हैं. भगवान श्री कृष्ण अपने सिर पर मोर पंख इसलिए धारण करते हैं क्योंकि मोर इस दुनिया का सबसे पवित्र पक्षी है.

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जोकि जीवन पर्यंत ब्रह्मचर्य का पालन करता है. माना जाता है कि मोरनी मोर के आंसू पीकर गर्भ धारण करती है, ऐसे में मोर पवित्र पक्षी को सम्मान देने के लिए श्री कृष्ण अपने सिर पर मोर का पंख धारण करते हैं.

भगवान श्री कृष्ण की कुंडली में कालसर्प दोष मौजूद था. कहते हैं इसी कारण भगवान श्री कृष्ण अपने सिर पर मोर पंख धारण करते हैं, क्योंकि मोर पंख धारण करने से कालसर्प दोष दूर हो जाता है.

भगवान श्रीकृष्ण ने अपने सिर पर मोर पंख इसलिए भी धारण किया है क्योंकि मोर पंख में कई सारे रंग मौजूद होते हैं. जोकि जीवन में सुख और दुःख दोनों ही अवस्थाओं को दर्शाते हैं.

ऐसे में जिंदगी को बिल्कुल मोर पंख की भांति जीना चाहिए. जिसमें हर रंग यानि अवस्था का होना जरूरी है. भगवान श्री कृष्ण इसी संदेश के साथ मोर पंख को सिर पर धारण करते हैं.

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इसके अलावा, मान्यता ये भी है कि बचपन में माता यशोदा भगवान श्री कृष्ण को सजाते समय मोर पंख का इस्तेमाल करते थे. यही कारण है कि आगे चलकर भगवान श्री कृष्ण ने मोर पंख को धारण कर रखा है.

कई लोगों का मानना है कि मोर पंख को भगवान श्री कृष्ण और राधा जी के प्रेम का प्रतीक चिन्ह है एक बार जब श्री कृष्ण और राधा जी नित्य कर रहे थे.

तब उनके साथ मोरों का झुंड भी नाच रहा था. ऐसे में एक मोर का पंख टूटकर जमीन पर गिर गया, जिसको बाद में श्री कृष्ण ने अपने सिर पर धारण कर लिया था.

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