सन्यास के बावजूद अपनी टीम के संकटमोचक बनने की काबिलियत रखने वाले खिलाड़ी

  
सन्यास के बावजूद अपनी टीम के संकटमोचक बनने की काबिलियत रखने वाले खिलाड़ी

क्रिकेटर्स के लिए खेल ही उनका सबकुछ होता है, मगर एक दौर ऐसा भी आता है, जब उन्‍हें क्रिकेट को अलविदा कहना पड़ता है.

इंटरनेशनल क्रिकेट की बात करें तो ज्यादातर क्रिकेटर्स अपने करियर के अंतिम समय में संन्यास लेने का फैसला करते है तो कुछ समय से पहले ही यह काम कर लेते है.

हालांकि, ये फैसला लेना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता कि वह कब अपने खेल को अलविदा कहे.

आज हम उन्हीं खिलाड़ियों की बात करने जा रहे है जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास ले लिया है लेकिन अभी भी उनके पास मैच जिताऊँ पारी खेलने की क्षमता है.

महेंद्र सिंह धोनी

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Image Credits; CSK/Twitter

रांची के राजकुमार महेंद्र सिंह धोनी ने 15 अगस्त 2020 को अचानक ही अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास की घोषणा करके सबको चौंका दिया था.

धोनी तीनों आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाले इकलौते कप्तान थे. और धोनी दुनिया के सफल कप्तानों की श्रेणी में भी विराजमान हैं और उनकी कप्तानी में टीम टेस्ट में नंबर 1 बनी थी.

धोनी ने अपने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट कैरियर में 500 से ज्यादा मैच खेले. एकदिवसीय मुकाबले में उन्होंने 350 मैच खेले जिसमें 10,773 रन बनाए वहीं 90 टेस्ट मैचों में उन्होंने 4,876 रन बनाए.

इसके अलावा टी-20 में खेले 98 मैच में उन्होंने 1617 रन बनाए है.

और इस बात को कहने में कोई दो राह नही है कि धोनी के पास आज भी मैच का रुख बदलने का जज़्बा है.

सुरेश रैना

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धोनी के सन्यास अनुसरण करके सुरेश रैना ने भी अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से स्वयं के अंतराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास लेने की घोषणा की थी.

सुरेश रैना ने भारत के लिए 18 टेस्ट मैच और 226 वनडे के अलावा कुल 78 टी-20 मैच खेले.

226 वनडे मैचों में रैना ने पांच शतकों की मदद से 5615 रन बनाए. टी-20 क्रिकेट में उन्होंने एक शतक के साथ 1605 रन बनाए थे.

टेस्ट मैचों में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और 18 टेस्ट मैचों में उनके बल्ले से महज 768 रन निकले थे.

34 वर्षीय रैना के अंदर आज भी उम्दा क्रिकेट खेलने की काबिलियत है.

एबी डीविलियर्स

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Image Credits: IPL/Twitter

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज एबी डीविलियर्स ने अपनी ही एक खास छवि बनायी है, उनकी बल्लेबाजी के कारण उन्हें पूरे क्रिकेट जगत में काफी लोग पसंद भी करते हैं.

एबी डीविलियर्स ने साल 2018 के आईपीएल के बाद अपने इंटरनेशनल क्रिकेट को थामने का फैसला किया.

डीविलियर्स ने हर किसी को हैरान करते हुए संन्यास तो ले लिया, लेकिन इसके बाद वो लीग क्रिकेट और काफी और भी क्रिकेट खेल रहे हैं,

जहां वो बहुत ही शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं.उनका प्रदर्शन देख तो नहीं लगता है कि उनकी क्रिकेट कोई कम हुई है.

थिसारा परेरा

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श्रीलंका के ऑलराउंडर थिसारा परेरा ने केवल 32 साल की उम्र में ही अपने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी .

हालाँकि परेरा ने श्रीलंका के युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट को छोड़ दिया था.

लेकिन जिस तरह से उनका प्रदर्शन रहा है और वो जैसा उस समय खेल रहे थे, वो आसानी से श्रीलंका टीम में खेल सकते थे. लेकिन उन्होंने जल्द ही संन्यास ले लिया.

मोहम्मद आमिर

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क्रिकेट की दुनिया में सबसे बड़ा झटका तब लगा था जब पाकिस्तानी गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने 28 साल की उम्र में ही क्रिकेट की अलविदा कहा था.

आमिर पाकिस्तान के लिए तीनों ही फॉर्मेट में अपना शानदार योगदान दे रहे थे.

लेकिन टीम मैनेजमेंट के साथ उनके संबंध खराब होने लगे और आमिर को टीम से भी दूर किया जाने लगा.

और अंत में सन्यास को ही खुद के लिये बेहतर समझा.

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