दुनियाभर में क्यों भिड़े हैं शिया और सुन्नी?

आखिर लड़ाई किस चीज की है दुनिया भर में? पूरे दुनिया में नफरत की वजह क्या है? वर्चस्व और धर्म! जिन्हें हर कोई अपने- अपने आंखों से देखता है।

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का मसला हो, तेल के खदान इराक में शुरुआत संघर्ष हो या सीरिया में जारी विवाद की गूंज हो। सब मतभेद के बुनियादी कारण क्या हैं, जानते हैं

आज मुख्य रूप से हम बात इस्लामिक देशों की करेंगे। जब धर्म के नाम पर तलवार का जिक्र होता है तो इस्लाम पहले पृष्ठ पर नजर आता है। इस्लाम यानी मुसलमान जो दो समुदाय में बंटा हुआ है। शिया और सुन्नी।

दोनों के बीच के संघर्ष की शुरुआत पैगंबर मोहम्मद की मृत्यु के तुरंत बाद शुरू हो गया था। जनसंख्या के आंकड़े पर गौर करें तो मुस्लिम में 85 से 90% सुन्नी समुदाय से आते हैं।

इन दोनों के विवाद का मुख्य वजह नेतृत्व को लेकर है। आज भी इस्लाम धर्म के अनुसार दोनों के कई विधि-रिवाज एक जैसे हैं। यहां तक कि इराक़ के शहरी इलाक़ों में हाल तक सुन्नी और शियाओं के बीच शादी बहुत आम बात हुआ करती थीं।

फिर कई संघर्ष ने लेबनान से सीरिया और इराक़ से पाकिस्तान तक दोनों समुदायों को अलग-अलग कर दिया है।

•सुन्नी मुसलमान ख़ुद को इस्लाम की सबसे धर्मनिष्ठ मानता हैं। जो ‘अहल अल-सुन्ना‘ शब्द से बना है। सुन्नी उन सभी पैगंबरों को मानते हैं जिनका ज़िक्र क़ुरान में किया गया है लेकिन अंतिम पैग़ंबर मोहम्मद ही को मानता है।

•वहीं शियाओं का दावा है कि मुसलमानों का नेतृत्व करने का अधिकार अली और उनके वंशजों का ही है। जो अली पैग़ंबर मोहम्मद के दामाद थे। शियाओं की संख्या मुस्लिम आबादी की 10 प्रतिशत यानी 12 करोड़ से 17 करोड़ के बीच है।

कई देशों में, जहां अलाकामान सुन्नी है वहाँ शिया ग़रीब आबादी में गिने जाते हैं। वजह कुछ चरमपंथी सुन्नी सिद्धांतों ने शियाओं के ख़िलाफ़ घृणा को बढ़ावा दिया गया है।

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