कोरोना के नए वेरिएंट पर WHO ने क्यों कहा, सावधान हो जाइए?

Delta variant
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना वायरस के एक नए वेरिएंट को लेकर चिंता ज़ाहिर की है। चिंता इतनी कि WHO ने इसे तकनीकी शब्दावली में ‘चिंता वाला वेरिएंट’ (वेरिएंट ऑफ़ कंसर्न/वीओसी) बताते हुए इसे ‘ओमिक्रॉन‘ नाम दिया है।

इस वेरिएंट के मिलने के बाद दुनिया के कई देशों ने दक्षिणी अफ्रीका से आने-जाने पर प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला किया है। जहां एक तरफ ब्रिटेन के प्रमुख शेयरों के सूचकांक ‘एफ़टीएसई 100′ में क़रीब चार फ़ीसदी की गिरावट हुई। वहीं जर्मनी, फ्रांस और अमेरिका के बाज़ार भी टूट गए।

क्या सच में यह वेरिएंट खतरनाक है?

डॉक्टर गुलेरिया PTI से बात करते हुए बताते हैं कि, ओमिक्रॉन के 30 से ज़्यादा म्यूटेशन हो चुके हैं। ये म्यूटेशन या बदलाव वायरस के स्पाइक प्रोटीन क्षेत्र में हुए हैं। मतलब टीके या दूसरी वजहों से पैदा हुई शरीर की प्रतिरोधी क्षमता का उस वायरस पर असर नहीं हो।

ये वायरस चीन के वुहान में मिले मूल वायरस से मौलिक रूप से अलग है। मतलब इस वायरस की एक से दूसरे व्यक्ति में फैलने की क्षमता बढ़ सकती है। साथ ही ये प्रतिरक्षा प्रणाली के हिस्सों से भी बच सकता है।

दक्षिण अफ़्रीका के अलावा कोरोना का ये नया वेरिएंट बोत्सवाना, बेल्जियम, हॉन्गकॉन्ग, इसराइल, जर्मनी, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में पाया जा चुका है।

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