Vantara Private Zoo पर अवैध वन्यजीव व्यापार के आरोप, संस्था ने बताए ‘निराधार’

 
Vantara Private Zoo

गुजरात के जामनगर में स्थित Vantara Private Zoo, जिसे Greens Zoological Rescue and Rehabilitation Center (GZRRC) के नाम से भी जाना जाता है, हाल ही में विवादों में घिर गया है। जर्मन अखबार Süddeutsche Zeitung (SZ) की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वंतारा में मौजूद कई जानवर वास्तव में प्राकृतिक आवासों से अवैध रूप से पकड़े गए हो सकते हैं, बजाय इसके कि उन्हें बचाया गया हो। वंतारा ने इन दावों को "भ्रामक" और "निराधार" बताया है।

Vantara Private Zoo क्या है?

वंतारा प्राइवेट ज़ू को 2019 में अनंत अंबानी द्वारा स्थापित किया गया था और इसे एक वन्यजीव बचाव और पुनर्वास केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। यह 277 हेक्टेयर में फैला हुआ है और इसमें 10,000 से अधिक जानवरों की देखभाल की जाती है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे 3 मार्च 2025 को वर्ल्ड वाइल्डलाइफ डे के अवसर पर आधिकारिक रूप से उद्घाटन किया था। हालांकि, हाल की रिपोर्टों में इस बात पर सवाल उठाए गए हैं कि क्या यहां के जानवर वास्तव में बचाए गए थे या फिर उन्हें व्यापार के जरिए लाया गया था।

Vantara Private Zoo पर लगे आरोप

क्या जंगली जानवरों को व्यापार के जरिए लाया गया?
13 मार्च 2025 को प्रकाशित Süddeutsche Zeitung (SZ) की रिपोर्ट में निम्नलिखित दावे किए गए हैं:

वंतारा में 39,000 से अधिक जानवर हैं, जिनमें से अधिकांश को पिछले एक साल में लाया गया है।
जानवरों का आयात 32 देशों और 53 निर्यातकों से किया गया।
कई जानवर वेनेजुएला, कांगो और इंडोनेशिया जैसे क्षेत्रों से लाए गए, जो कि अवैध वन्यजीव व्यापार के हॉटस्पॉट माने जाते हैं।

यहाँ मौजूद कुछ जानवरों की प्रजातियाँ

181 शेर
200+ तेंदुए और हाथी
दुर्लभ प्रजातियाँ जैसे माउंटेन गोरिल्ला, जाइंट एंटईटर, और हैमलिन के बंदर
रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से कई जानवरों को प्राकृतिक आवासों से निकाला गया था, बजाय इसके कि वे बचाए गए जानवर हों।

कौन हैं प्रमुख आपूर्तिकर्ता?

रिपोर्ट में दुबई, UAE को वन्यजीव व्यापार का बड़ा केंद्र बताया गया है।

11,729 जानवर UAE से लाए गए, जिनमें ओरंगुटान और एक माउंटेन गोरिल्ला शामिल थे।
सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता 'Kangaroo Animals Shelter Center' (UAE) है, जो केवल वंतारा को ही जानवर सप्लाई करता है।
वेनेजुएला से 6,106 जानवर लाए गए, जिनमें 142 जाइंट एंटईटर और 101 जाइंट ओटर शामिल थे।
कांगो से 1,770 जानवरों का आयात किया गया, जिनमें 100 हैमलिन के बंदर भी थे।

क्या ये आरोप गंभीर हैं?

ये सभी प्रजातियाँ अंतरराष्ट्रीय संरक्षण कानूनों के तहत संरक्षित हैं, जैसे कि CITES (Convention on International Trade in Endangered Species of Wild Fauna and Flora)।
यदि यह साबित होता है कि जानवरों को सीधे जंगलों से पकड़ा गया है, तो यह अवैध वन्यजीव व्यापार कानूनों का उल्लंघन हो सकता है।
CITES परमिट से यह तय नहीं किया जा सकता कि कोई जानवर कैप्टिव ब्रीड (पालतू) है या जंगल से पकड़ा गया है, जिससे इन सौदों की वैधता पर सवाल उठता है।

Vantara का जवाब: ‘निराधार और भ्रामक’

वंतारा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, और कहा कि:

सभी जानवरों को कानूनी रूप से प्राप्त किया गया है।
वंतारा केवल कैप्टिव-ब्रीड जानवरों को स्वीकार करता है, और उनके पास CITES परमिट मौजूद हैं।
जर्मन रिपोर्ट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
वंतारा अवैध वन्यजीव व्यापार के खिलाफ सरकार के साथ काम करता है और सभी भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करता है।

वंतारा ने रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा

"CITES परमिट पर सवाल उठाने का मतलब है कि उस देश और CITES संगठन की वैधता पर सवाल उठाना। ये आरोप पूरी तरह से निराधार हैं।"

क्या वंतारा में वास्तव में 39,000 जानवर हैं?

वंतारा का कहना है कि रिपोर्ट में संख्या बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई है।

उनके आधिकारिक 2023-24 रिपोर्ट के अनुसार, यहाँ:
10,360 जानवर हैं।
345 विभिन्न प्रजातियाँ मौजूद हैं।

वंतारा ने 100 हैमलिन के बंदरों की मौजूदगी से भी इनकार किया और कहा कि हर जानवर को उचित देखभाल और चिकित्सा सुविधा दी जाती है।

निष्कर्ष: निजी चिड़ियाघरों पर बहस जारी

Vantara Private Zoo के इर्द-गिर्द विवाद ने निजी वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी नैतिक और पर्यावरणीय चिंताओं को उजागर किया है।

यदि रिपोर्ट के दावे सही हैं, तो वंतारा अवैध वन्यजीव व्यापार को बढ़ावा दे सकता है।
यदि वंतारा का दावा सही है, तो संस्थान गलत जानकारी का शिकार हो सकता है।
चूंकि कानूनी लड़ाई जारी है, यह मामला वन्यजीव संरक्षण, व्यापार नैतिकता और भारत में निजी चिड़ियाघरों की भूमिका को लेकर एक महत्वपूर्ण बहस शुरू कर सकता है।

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