Greater Noida विकास प्राधिकरण की अहम बोर्ड बैठक के बाद भी किसान नाखुश, जारी रहेगा आंदोलन

 
Greater Noida विकास प्राधिकरण की अहम बोर्ड बैठक के बाद भी किसान नाखुश, जारी रहेगा आंदोलन

Greater Noida विकास प्राधिकरण कार्यालय के बाहर किसान पिछले 87 दिनों से अपनी 21 मांगों को लेकर लगातार धरना दे रहे हैं। किसानों का धरना कई बार उग्र रूप भी धारण कर चुका है और इस धरने को कई राजनेता और पार्टियों ने अपना समर्थन दिया है। किसानों की मांग को विधानसभा में सपा नेता अखिलेश यादव भी उठा चुके हैं। ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की बेहद अहम 131वीं बोर्ड बैठक शनिवार को हुई जिसमें औद्योगिक विकास आयुक्त और ग्रेटर नोएडा-नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष मनोज कुमार ने इसकी अध्यक्षता की। बैठक में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी, नोएडा के सीईओ डॉक्टर लोकेश एम और यमुना प्राधिकरण के एसीईओ कपिल सिंह समेत तमाम प्राधिकरण के अधिकारी शामिल रहे।

बैठक में 21 से 3 मांगों को मंज़ूरी

बोर्ड बैठक में किसानों की 21 मांगों में से तीन मांग को पूरा करते हुए प्राधिकरण ने थोड़ी राहत जरूर दी है लेकिन किसान अपनी सभी मांगों को पूरा करने के लिए अड़े रहे और आगे आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया। प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में 20 हजार किसान और प्राधिकरण के 22 हजार फ्लैट आवंटियों को राहत दी गई। किसानों के पक्ष में तीन फैसले लिए गए हैं जिनमें आबादी भूखंड पर घर का निर्माण नहीं करने पर अब किसानों को विलंब शुल्क नहीं देना पड़ेगा। मूल किसान परिवार के सदस्य 40 वर्गमीटर तक प्लॉट का विभाजन कर सकेंगे और इन भूखंडों पर 15 मीटर ऊंचाई तक मकान बना सकेंगे।

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बीएचएस योजना के 2200 आवंटियों के लिए एक मुश्त समाधान योजना लागू कर दी गई है इसके साथ ही बोर्ड बैठक में मास्टर प्लान 2041 को भी हरी झंडी दे दी गई है। प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में हुए निर्णय की विस्तार से जानकारी देते हुए प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि बैठक में किसानों की तीन समस्याएं दूर की गई हैं। इनमें किसान आबादी के भूखंडों पर मूल किसान या फिर उनके उत्तराधिकारी बिना विलंब शुल्क दिए ही भवन निर्माण कर सकेंगे। किसानों को विस्तार समय दिया गया है लेकिन यह प्लॉट परिवार के किसी व्यक्ति के अलावा बाहर किसी को बेचा जाता है तो पुराने नियम लागू होंगे।

दूसरी समस्या किसानों के प्लाटों के बंटवारे को लेकर थी अभी तक किसानों का सबसे छोटा 120 वर्गमीटर का प्लॉट ही बंटवारे में मिल सकता था मगर अब सबसे छोटा 40 वर्गमीटर का प्लॉट भी बंटवारे में आ सकेगा। इसका मतलब है कि कृषक भूखंडों के उप विभाजन का न्यूनतम क्षेत्र 40 वर्ग मीटर कर दिया गया है। प्राधिकरण यह छूट केवल मूल काश्तकार और उसके उत्तराधिकारी को ही देगा। तीसरा प्रकरण कृषक आबादी भूखंड पर निर्माण अधिकतम 15 मीटर ऊंचाई तक किया जा सकेगा पहले इसकी ऊंचाई 11 मीटर थी जिसे बढ़ाकर नोएडा के बराबर कर दिया गया है।

किसान जारी रखेंगे धरना प्रदर्शन

बोर्ड बैठक के बाद किसानों ने ऐलान किया है कि वह अपना धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे क्योंकि उनकी 21 मांग थीं उनमें से सिर्फ 3 मांगों को पूरा किया गया है जबकि उनकी 18 मांग अभी भी बाकी हैं जो कि बेहद अहम है। इसमें अगर किसानों की मांगों की बात की जाए तो भूमिहीन किसान को 40 वर्गमीटर का प्लॉट, किसानों को 10 फ़ीसदी आबादी भूखंड, नए अधिग्रहण कानून को लागू करना, किसानों को न्यूनतम 120 वर्गमीटर प्लॉट दिया जाए और किसानों के लिए रोजगार नीति को लागू किया जाए लेकिन यह तमाम मांगे अभी पूरी नहीं की गई जिसकी वजह से प्राधिकरण पर पिछले 87 दिनों से चल रहा धरना प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा।

प्राधिकरण के द्वारा निर्माण किए गए फ्लैटों के आवंटियों को पेनल्टी के तौर पर लगाए गए ब्याज से भी मिलेगी मुक्ति

प्राधिकरण ने अपने फ्लैटों के आवंटियों के लिए तीन माह की एक मुफ्त समाधान योजना को मंजूरी दे दी है इसमें प्रीमियम, अतिरिक्त मुआवजा और लीज डीड पर लगे जुर्माने से 2200 फ्लैट खरीदारों को राहत मिलेगी इससे प्राधिकरण को लगभग 468 करोड़ रुपए मिलेंगे। ओटीएस में योजना के लागू होने से प्रीमियम की बकाया धनराशि और अतिरिक्त मुआवजे पर पेनल्टी से राहत और 60 वर्गमीटर तक के फ्लैट के लिए लीज डीड के विलंब शुल्क की धनराशि 40 से 80 फ़ीसदी वहीं 60 वर्ग मीटर से अधिक के फ्लैट के लिए 20 से 40 फ़ीसदी की राहत मिल जाएगी। इसमें बीएचएस 7, बीएचएस 10, बीएचएस 11,बीएचएस 12, बीएचएस 14,बीएचएस 16 और बीएचएस 17 के आवंटियों को लाभ मिलेगा।

(Reported By Akram Khan, Edited By Alok Mishra)

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