धोनी की टीम CSK के वे फ़ैसले, जिनसे बनी चैंपियन

Ms Dhoni
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आईपीएल का खिताब जीत के बादशाह कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों में चला गया। इस सीरीज को जीते ही वह चौथी बार चैंपियन हो गई। हारने वाली टीम दो बार की चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स थी।

फाइनल मैच में धोनी की टीम ने कोलकाता नाइटराइडर्स को फ़ाइनल में आसानी से 27 रन से मात दी। कोलकाता के सामने आईपीएल विनर बनने के लिए 193 रनों का लक्ष्य था लेकिन वह पूरे बीस ओवर खेलकर 165 रन ही बना सकी।

बेहतरीन शुरुआत के बाद लड़खड़ाई कोलकाता:

शुरुआत में चेन्नई की टीम ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए सलामी बल्लेबाज़ फॉफ डू प्लेसी के 86 रनों की मदद से केवल तीन विकेट खोकर 192 रन वाला बड़ा स्कोर बनाया।

जीत के लिए 193 रन जैसे बड़े स्कोर का पीछा करने उतरी कोलकाता अपने सलामी जोड़ी शुभमन गिल और वैंकटेश अय्यर की मदद से पहले विकेट के लिए 10.4 ओवर में 91 रन बनाए।

फिर वैंकटेश अय्यर को शार्दूल ठाकुर की गेंद पर रविंद्र जडेजा ने कैप लपक लिया। इसके बाद चेन्नई के गेंदबाज़ का दबाव मैच पर ज्यादा आ गया। उन्होंने 119 रन तक पहुँचते-पहुँचते कोलकाता की आधी टीम समेट दी। नीतीश राणा खाता खोले बिना शार्दूल ठाकुर की गेंद पर प्लेसी के हाथों कैच हो गए। वहीं सुनील नारायन भी केवल दो रन बनाकर आउट हो गए।

फिर शुभमन गिल को दीपक चाहर ने एलबीडब्लू कर दिया। उन्होंने 43 गेंदों पर छह चौकों की मदद से 51 रन बनाए थे। दिनेश कार्तिक केवल नौ रन बनाकर रविंद्र जडेजा की गेंद पर अंबाती रायडू के हाथों कैच हो गए।

आख़िरकार कोलकाता नौ विकेट खोकर 165 रन ही बना सकी और 27 रन से हार गई।

गायकवाड़ और प्लेसी ने दी बेहतरीन शुरुआत

चेन्नई की सलामी जोड़ी रितुराज गायकवाड़ और फॉफ डू प्लेसी ने पहले विकेट के लिए 8.1 एक ओवर में 61 रनों की साझेदारी की। यह जोड़ी चेन्नई की नींव बनाने के साथ-साथ कोलकाता के मिस्ट्री गेंदबाज़ों वरुण चक्रवर्ती और सुनील नारायन का जमकर सामना किया।

आख़िरकार रितुराज गायकवाड़ 27 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्के की मदद से सुनील नारायन की गेंद पर शिवम् मावी के हाथों कैच हुए। पूरे आइपीएल सीरीज में इन दोनों ने मिलकर 756 रन बनाए है।

प्लेसी का कैच छोड़ना महँगा पड़ा:

चेन्नई के सलामी बल्लेबाज़ फॉफ डू प्लेसी ने केवल 59 गेंदों पर सात चौके और तीन ज़ोरदार छक्को के सहारे 86 रन बनाए। इतने बड़े स्कोर पर जाने से पहले उन्हें पारी के तीसरे ओवर में जीवनदान मिला था। कैच विकेटकीपर दिनेश कार्तिक के हाथों से छूट गई थी।

नहीं चले गेंदबाज़:

सुनील नारायन को छोड़कर कोई भी गेंदबाज का प्रभाव नहीं रहा। मिस्ट्री गेंदबाज़ वरुण चक्रवर्ती ने भी चार ओवर में 38 रन दिए। सुनील नारायन ने जहां 26 रन देकर दो विकेट झटके। शिवम मावी ने 32 रन देकर एक विकेट हासिल किया।

खास बातें:

बुजुर्ग की टीम चेन्नई ने इस मैच को जीता। कमाल की बात है कि चेन्नई की टीम बुज़ुर्ग खिलाड़ियों की टीम कहलाती है. कप्तान धोनी चालीस पार कर चुके है. ब्रावो 38, प्लेसी 37, अंबाती रायडू और रोबिन उथप्पा 36-36 साल के हैं. मोईन अली और जडेजा भी 30 के पार हैं। चेन्नई ने इससे पहले साल 2010, 2011 और 2018 में आईपीएल अपने नाम किया है।

फ़ाइनल के मैन ऑफ द मैच फॉफ डू प्लेसी रहे। वहीं रितुराज गायकवाड़ को उभरते हुए खिलाड़ी का पुरस्कार मिला।उन्होंने 16 मैचों में 635 रन बनाए। फॉफ डू प्लेसी ने भी 16 मैचों में 633 रन बनाए। ऐसा लगता है जैसे दोनों ने मिलकर चेन्नई को इस बार ख़िताब दिला दिया।

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